YouTube ने किए 16 चैनल डिलीट : AI कंटेंट पर भी दिखा YouTube का सख्त असर

By Mandeep Rohit

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YouTube की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। YouTube द्वारा 16 बड़े YouTube चैनलों को डिलीट डिलीट कर दिए जाने पर शाम तक सोशल मीडिया और क्रिएटर कम्युनिटी में बना डर का माहौल। जैसे ही यह खबर सामने आई, लोगों की नजर सीधे इस सवाल पर गई कि आखिर YouTube ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया और क्या आगे और चैनल भी खतरे में आ सकते हैं।

इस फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि YouTube अब कंटेंट की क्वालिटी को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहता। भले ही असर धीरे-धीरे दिखे, लेकिन चैनल डिलीट होते ही यह संकेत मिल गया कि प्लेटफॉर्म अब AI से बने, बिना इंसानी मेहनत वाले कंटेंट पर सख्ती बरतने वाला है।

YouTube एक्शन के बाद चैनलों का हाल: बड़े नाम, बड़ा झटका

डिलीट किए गए चैनल कोई छोटे चैनल नहीं थे। इनमें से कई चैनलों पर लाखों और करोड़ों सब्सक्राइबर थे। इन सभी को मिलाकर कुल सब्सक्राइबर करीब साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा बताए जा रहे हैं, जबकि व्यूज़ की संख्या 470 करोड़ से ऊपर पहुंच चुकी थी। इन चैनलों से हर साल करोड़ों रुपये की कमाई हो रही थी, लेकिन इसके बावजूद YouTube ने नियमों के आधार पर सीधा एक्शन लिया।

YouTube और AI कंटेंट का क्या लेना-देना है?

लोगों के मन में सवाल है कि YouTube को AI कंटेंट से इतनी परेशानी क्यों हुई। दरअसल, जब प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में ऐसे वीडियो आने लगते हैं जो पूरी तरह मशीन से बने होते हैं, एक जैसे होते हैं और जिनमें इंसानी सोच या मेहनत नजर नहीं आती, तो इससे दर्शकों का अनुभव खराब होता है। YouTube चाहता है कि वीडियो में कुछ नया हो, कुछ अलग हो और देखने वाले को कोई फायदा मिले। इसी वजह से AI से बने दोहराए गए कंटेंट को स्पैम की श्रेणी में रखा गया।

एक्शन के बाद क्या देखने को मिला

YouTube के इस फैसले के बाद कई चैनलों पर हलचल दिखी। कुछ चैनल अचानक गायब हो गए, तो कुछ पर पुराने वीडियो भी हट गए। इससे साफ हो गया कि यह सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि सीधा और कड़ा कदम है। खास बात यह रही कि YouTube ने यह नहीं देखा कि चैनल कितना बड़ा है या कितनी कमाई कर रहा है, बल्कि सिर्फ नियमों को आधार बनाया।

आसान शब्दों में समझें तो

सीधे शब्दों में कहें तो ये चैनल बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे थे, लेकिन इंसानी टच की कमी साफ दिख रही थी। AI के भरोसे रोज वीडियो अपलोड हो रहे थे, पर उनमें न तो अपनी आवाज़ थी और न ही अपनी सोच। यही वजह बनी कि YouTube ने इन्हें रोकना जरूरी समझा। यानी अब सिर्फ मशीन से चैनल चलाना सुरक्षित नहीं रहा।

आम यूट्यूबर्स को क्या करना चाहिए?

इस पूरे मामले से आम क्रिएटर्स को घबराने की जरूरत नहीं है। अगर कोई अपनी आवाज़ में वीडियो बना रहा है, खुद स्क्रिप्ट पर काम कर रहा है और AI को सिर्फ मदद के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है, तो उसके लिए खतरे की बात नहीं है। लेकिन जो चैनल पूरी तरह ऑटोमेटेड हैं, उन्हें अब संभलकर चलना होगा।

आगे क्या हो सकता है?

अब सभी की नजर आने वाले दिनों में YouTube की अगली कार्रवाई पर है। अगर प्लेटफॉर्म पर इस तरह का कंटेंट और बढ़ता है, तो और चैनलों पर भी एक्शन हो सकता है। वहीं, अगर क्रिएटर्स क्वालिटी और ओरिजिनल कंटेंट पर ध्यान देते हैं, तो यह बदलाव उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

YouTube के इस फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि
– सिर्फ व्यूज़ और कमाई अब काफी नहीं
– AI कंटेंट में इंसानी सोच जरूरी है
– क्वालिटी और भरोसा ही सबसे बड़ा आधार होगा

यह कदम डर पैदा करने वाला नहीं, बल्कि समझदारी से कंटेंट बनाने का साफ संकेत देता है।

आपके लिए कुछ सवाल

  1. YouTube द्वारा 16 चैनल डिलीट किया जाना क्या सही फैसला है?
  2. क्या AI से बने चैनलों पर और सख्ती होनी चाहिए?
  3. क्या यह बदलाव असली क्रिएटर्स के लिए फायदेमंद साबित होगा?
  4. भविष्य में YouTube पर कंटेंट बनाना आसान होगा या मुश्किल?

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