हरियाणा के जींद जिले में लंबे समय से चली आ रही सीवरेज जाम और पानी की सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों को लेकर नगर परिषद ने कड़ा रुख अपनाया है। लोगों की लगातार शिकायतों को देखते हुए परिषद ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी समस्या को टालना नहीं है और हर शिकायत का समय पर समाधान किया जाए। सीवरेज जाम और पानी की सप्लाई से लोग परेशान हो चुके थे।
शिकायते बढ़ती ही जा रही थी लेकिन कुछ काम नहीं हो रहा था। इसिलिए अब सिधे निरदेस दे दिये गए ह। नगर परिषद ने कहा ह जल्दी से जल्दी समस्या का समाधान करो और शिकायतो पर ध्यान दिया जाए हर बार काम को ऐसे ही मत टालो जल्द से जल्द लोगो की समस्या का समाधान होना चाहिए। समस्याओं के समाधान और उन्हें कम करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक बुलाई गई, और कार्य संबंधी मामलों पर भी चर्चा की गई ताकि लोगों की पीड़ा का जल्द से जल्द निवारण किया जा सके।
बैठक में क्या हुआ
नगर परिषद की बैठक में शहर के अलग-अलग वार्डों से आई शिकायतों पर चर्चा हुई। कई जगहों पर सीवरेज ओवरफ्लो, गंदा पानी सड़कों पर फैलने और पीने के पानी की अनियमित सप्लाई की बातें सामने आईं। इस पर परिषद ने अधिकारियों को कहा कि वे मौके पर जाकर जांच करें और समस्या को जड़ से खत्म करें। हर काम को जल्दी से जल्दी खत्म किया जाए और काम को इस तरह से करें दोबारा उसी काम को लेकर शिकायत नहीं आनी चाहिए।
अधिकारियों को दिए गए मुख्य निर्देश
नगर परिषद ने निर्देश दिए कि जहां-जहां सीवरेज लाइनें जाम हैं, वहां तुरंत सफाई कराई जाए। पानी की सप्लाई में किसी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए रोज़ाना निगरानी की जाए। जिन इलाकों से बार-बार शिकायतें आ रही हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई के भी संकेत दिए गए हैं।
आम लोगों को क्या फायदा होगा
इन निर्देशों के बाद लोगों को सड़कों पर जमा गंदे पानी से राहत मिलने की उम्मीद है। साफ पानी की सप्लाई नियमित होगी और बीमारी फैलने का खतरा कम होगा। साथ ही, शिकायत करने के बाद लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
चाइनीज़ मांझे से हो रही मौतों पर भी चिंता
इसी बीच, इन दिनों चाइनीज़ मांझे से हो रही दुर्घटनाएं भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। कई जगह मांझे की चपेट में आने से लोगों की जान तक चली गई है। नगर परिषद और प्रशासन ने साफ कहा है कि प्रतिबंधित मांझे के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसे खतरनाक मांझे का इस्तेमाल न करें और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
चइनीज़ मांझा देखने में भले ही सामान्य डोर जैसा लगता हो। लेकिन हकीकत में यह कांच के बारीक टुकड़ों और तेज केमिकल से तैयार किया जाता है। यही वजह है कि यह मांझा हाथ, चेहरे या गर्दन को छूते ही ब्लेड की तरह काट देता है। कई मामलों में तो लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। यही कारण है कि अब सरकार ने इसे पूरी तरह से गैरकानूनी घोषित कर दिया है।
नगर परिषद का साफ संदेश
नगर परिषद का कहना है कि शहर की बुनियादी सुविधाएं—जैसे सीवरेज, पानी और सफाई—उनकी प्राथमिकता हैं। साथ ही, चाइनीज़ मांझे जैसी खतरनाक चीज़ों पर रोक लगाना भी ज़रूरी है ताकि कोई और हादसा न हो।
खबर से जुड़े कुछ स्वाल
- क्या जींद में सीवरेज और पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है?
- नगर परिषद द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद क्या हालात में सुधार आएगा?
- किन-किन वार्डों में सीवरेज जाम और पानी की सबसे ज्यादा शिकायतें हैं?
- क्या लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर सच में कार्रवाई होगी?
- चाइनीज़ मांझे पर रोक के बावजूद हादसे क्यों हो रहे हैं?
- क्या प्रशासन द्वारा की जा रही सख्ती से मांझे से होने वाली मौतों पर रोक लग पाएगी?
- आम लोग अपनी शिकायत कहां और कैसे दर्ज करा सकते हैं?









