सरकार का बड़ा फैसला, अब लापरवाही पड़ी भारी। उत्तर प्रदेश में चाइनीज़ मांझे को लेकर सरकार ने लिया बड़ा फैसला। अब राज्य में चाइनीज़ मांझा बेचना, खरीदना और इस्तेमाल करना पूरी तरह से गैरकानूनी माना जाएगा। सरकार का साफ कहना है कि यह मांझा लोगों की जान के लिए खतरा बन चुका है। इसलिए अब इस पर कोई ढील नहीं दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश में चाइनीज़ मांझे को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए उस पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह फैसला अचानक नहीं लिया गया। बल्कि बीते कुछ समय से सामने आ रही लगातार घटनाओं और हादसों के बाद सरकार को मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा। चाइनीज़ मांझा अब सिर्फ पतंग उड़ाने की चीज नहीं रह गया है। बल्कि यह आम लोगों के लिए एक खुला खतरा बन चुका है। सड़क पर चलते लोग हों, बाइक सवार हों या फिर बच्चे—किसी के लिए भी यह जानलेवा साबित हो सकता है।
आज के समय में पतंग उड़ाना एक खुशी और त्योहार का हिस्सा है। लेकिन यह खुशी किसी की जिंदगी से बढ़कर नहीं हो सकती। चाइनीज़ मांझा सिर्फ एक धागा नहीं। बल्कि एक ऐसा खतरा है जो पल भर में किसी घर की खुशियां उजाड़ सकता है। सरकार का यह कदम सही दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। लेकिन इसकी सफलता तभी होगी जब आम लोग भी इसमें जिम्मेदारी दिखाएं।
चाइनीज़ मांझा आखिर है क्या?
चाइनीज़ मांझा एक तरह की पतंग की डोर होती है। जिसे कांच के बारीक टुकड़ों और केमिकल से तैयार किया जाता है। यह मांझा बहुत ज्यादा तेज और मजबूत होता है। दिखने में यह सामान्य मांझे जैसा लगता है, लेकिन छूते ही यह ब्लेड की तरह काट देता है।
चइनीज़ मांझा देखने में भले ही सामान्य डोर जैसा लगता हो। लेकिन हकीकत में यह कांच के बारीक टुकड़ों और तेज केमिकल से तैयार किया जाता है। यही वजह है कि यह मांझा हाथ, चेहरे या गर्दन को छूते ही ब्लेड की तरह काट देता है। कई मामलों में तो लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। यही कारण है कि अब सरकार ने इसे पूरी तरह से गैरकानूनी घोषित कर दिया है।
मांझे से हो चुकी हैं मौतें
पिछले कुछ समय में देश के अलग-अलग हिस्सों से चाइनीज़ मांझे से हुई दर्दनाक मौतों की खबरें सामने आई हैं। पिछले कुछ महीनों में चाइनीज़ मांझे से जुड़ी कई दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं।
कहीं बाइक से जा रहे युवक की गर्दन अचानक मांझे से कट गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। तो कहीं बच्चे खेलते वक्त गंभीर रूप से घायल हो गए। पक्षियों की मौत के मामले तो अब आम हो चुके हैं। यूपी में भी हाल ही में ऐसे हादसे देखने को मिले, जिसने प्रशासन और सरकार दोनों को हिला कर रख दिया। इन घटनाओं ने साफ कर दिया कि अगर समय रहते सख्ती नहीं की गई, तो हालात और भी खराब हो सकते हैं।
कई जगह बाइक सवारों की गर्दन कटने से मौके पर ही मौत हो गई।
कहीं बच्चे खेलते-खेलते गंभीर रूप से घायल हुए।
पक्षियों की जान जाना तो अब आम बात हो गई है।
यूपी में भी हाल के दिनों में ऐसे मामले सामने आए, जिसके बाद सरकार और प्रशासन सख्त हो गया।
सरकार ने क्यों लिया सख्त फैसला?
Uttar Pradesh Government का कहना है कि त्योहारों और पतंगबाजी के मौसम में यह मांझा सबसे ज्यादा खतरा पैदा करता है। सड़कों पर चलने वाले लोग, बच्चे और जानवर—सब इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसी वजह से अब इस पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
यह फैसला जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि चाइनीज़ मांझा बेचने, खरीदने या इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को आदेश दिए गए हैं। कि बाजारों, दुकानों और गोदामों पर नजर रखी जाए और जहां भी चाइनीज़ मांझा मिले, उसे तुरंत जब्त किया जाए। दोषी पाए जाने वालों पर एफआईआर दर्ज होगी और जरूरत पड़ी तो जेल भी भेजा जाएगा।
अब क्या होगी कार्रवाई?
सरकार के आदेश के बाद पुलिस और प्रशासन को साफ निर्देश दिए गए हैं कि।
चाइनीज़ मांझा बेचने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
दुकानों और गोदामों में छापेमारी होगी।
दोषी पाए जाने पर जुर्माना और जेल दोनों हो सकते हैं।
आम लोगों से अपील
सरकार और प्रशासन ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है। कि वे सिर्फ साधारण सूती मांझे का ही इस्तेमाल करें और अगर कहीं चाइनीज़ मांझा बिकता हुआ दिखे। तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को इसकी सूचना दें। खास तौर पर बच्चों को इसके खतरों के बारे में समझाना बहुत जरूरी है। ताकि वे अनजाने में अपनी जान खतरे में न डालें।
केवल साधारण सूती मांझे का ही इस्तेमाल करें।
अगर कहीं चाइनीज़ मांझा बिकता दिखे तो तुरंत सूचना दें।
बच्चों को इसके खतरे के बारे में जरूर समझाएं।
पतंग उड़ाना खुशी की बात है, लेकिन किसी की जान की कीमत पर नहीं।
आखिर में कुछ सवाल, जो सोचने पर मजबूर करते हैं
- क्या थोड़े से मज़े के लिए किसी की जान जोखिम में डालना सही है?
- अगर चाइनीज़ मांझा इतना खतरनाक है, तो अब भी लोग इसे क्यों इस्तेमाल कर रहे हैं?
- क्या हमें अपने बच्चों को सिर्फ पतंग उड़ाना ही नहीं, बल्कि सुरक्षित तरीके भी सिखाने चाहिए?
- प्रशासन के साथ-साथ समाज की जिम्मेदारी कहां तक बनती है?









