Gold Price Prediction 2026 | क्या सोना फिर तोड़ेगा रिकॉर्ड?

By Mandeep Rohit

Updated On:

Date:

आज हम बात करेंगे। सोने की कीमत में आए भूचाल की। सोना आज सिर्फ महंगा नहीं हुआ है। ब्लकि इतिहास रच रहा है अगर आप गोल्ड मे इनवेस्ट करना चाहते हैं या सोना खरीदना चाहते हैं। तो पोस्ट को पूरी पढें।

इस वक़्त गोल्ड मार्केट पूरी तरह गरमाया हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर भारत तक सोने की कीमत आज रिकार्ड लेवल के आसपास बनी हुई है। भारत मे 24 कैरेट सोने की कीमत 15000+ प्रती ग्राम के करीब पहुंच चुकी है। 10 ग्राम सोने की कीमत कम से कम 150000 के आसपास ट्रेड कर रही है। ये सिर्फ आंकड़े नहीं है। ये संकेत हैं कि निवेशक डर में हैं और सोने की तरफ भाग रहे हैं।

गोल्ड इतना तेज क्यूँ भाग रहा है आखिर गोल्ड के price बड़ने का कारण क्या है

अब सिर्फ सवाल ये है। सोना अचानक से इतना महंगा कैसे हुआ इसका कारण क्या है जो सोना इतना तेजी से क्यूँ भाग रहा है। सबसे बड़ा कारण दुनिया मे तनाव का होना। बड़े बड़े देशों के बीच राजनीतिक और व्यापारीक तनाव। और सबसे बड़ी बात देशों के बीच युद्ध होने की संभावना। जब जब एसी परिस्तिथि आती है तब तब लोग शेयर बाजार को छोड़कर सोने की तरफ भागते हैं। क्योंकि इस समय पर लोग गोल्ड को सबसे सेफ साइड मानते हैं।

जब जब रुपये और डॉलर में दबाव आता है तब तब गोल्ड और भी तेज होता है। गोल्ड बड़ने पर ब्याज दरों के कम होने की उम्मीद होती है और FD, बैंक से रिटर्न घटता है। इस समय निवेशक गोल्ड मार्केट में पैसा डालते हैं।

Gold Market का हाल।

गोल्ड मार्केट सिर्फ ज्वेलरी तक ही सीमित नहीं है। भारत मे सोने की ट्रेडिंग भी होती है। MCX पर, Gold Futures और Options में भारी वॉल्यूमहर गिरावट पर खरीदारी देखने को मिल रही है। बात साफ है मार्केट को अब सिर्फ और सिर्फ गोल्ड पर भरोसा है।

क्या सोना आगे भी बड़े गा। क्या सोना और भी महंगा हो सकता है

Market Experts का मानना है:

अगर वैश्विक तनाव जारी रहा

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा तो सोना और नई ऊँचाइयों को छू सकता है हालांकी बीच-बीच में Profit Booking से हल्की गिरावट भी आ सकती है

गोल्ड पिछले साल में।

2025 Gold Investors के लिए सुनहरा साल साबित हुआ। साल की शुरुआत में सोना काफी स्थिर था लेकिन जैसे-जैसे साल आगे बढ़ा Gold ने एक के बाद एक रिकॉर्ड तोड़े। साल की शुरुआत (जनवरी–फरवरी 2025) में Gold Market थोड़ा सुस्त था। शेयर बाजार मजबूत चल रहा था। निवेशक Risk लेने के मूड में थे। इस समय Gold की कीमतों मेंज्यादा तेज़ी नहीं दिखी ।

मार्च से जून के बीच दुनिया में तनाव बढ़ने लगा डॉलर में कमजोरी आई। महंगाई का डर बढ़ा। gold market में तेजी आने लगी। तभी Investors लौट आए। मार्केट ने असली रूप जुलाई से दिसम्बर के बीच दिखाया। वैश्विक राजनीतिक तनाव युद्ध और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताशेयर बाजार में तेज़ उतार-चढ़ावब्याज दरों को लेकर असमंजस इन सबका फायदा मिला Gold को

Leave a Comment